
बॉस हॉस कंपनी का दावा है कि इस बाइक में बॉडी स्ट्रक्चर के नाम पर सिर्फ चेसिस है। इसमें सामान्य बाइकों की तरह कोई फ्रेम नहीं है। और इसे बिल्कुल अपनी जरूरत के हिसाब से बदला जा सकता है। इस बाइक की सबसे बड़ी खासियत है इसका इंजन। जो सामान्य बाइक का है ही नहीं, ये तो कार का इंजन है। और जो बाइक आप देख रहे हैं, जिसमें 6400 सीसी का शेरवले कंपनी का टॉप क्लास इंजन लगा है। और यही वजह है कि ये बाइक इतनी महंगी है। और हां, इसे और भी महंगी बना सकते हैं, अगर इसमें कोई और इंजन लगा लें। यही इस बात की खूबी है।
इस बाइक में बॉडी स्ट्रक्चर के नाम पर सिर्फ चेसिस है। इसमें सामान्य बाइकों की तरह कोई फ्रेम नहीं है। और इसे बिल्कुल अपनी जरूरत के हिसाब से बदला जा सकता है। इस बाइक की सबसे बड़ी खासियत है इसका इंजन। जो सामान्य बाइक का है ही नहीं...
तस्वीर में दिख रही बॉस हॉस कंपनी की ये बाइक समूचे एशिया में इकलौती है। ये किसी भी अरबपति के घर की शोभा नहीं बढ़ा रही, बल्कि राइडर्ज कंपनी के मालिकाना हक में है। राइडर्ज कंपनी दरअसल, प्रोफेशनल रेसरों की टीम है, जो रेस तो करती ही है, साथ ही बाइकों को असेंबल करके मनचाही ताकत देती है। और रोड सेफ्टी को लेकर कार्यक्रम आयोजित करती है।
इस बाइक में अगर 6400 सीसी का सबसे ज्यादा पॉवर वाला इंजन है, तो इसका वजन भी 1 टन के आसपास है। ये पूरे 940 किलो की है, जो बदलाव के साथ ही बढ़ भी सकती है। वैसे, ये बाइक ऑटो एक्सपो में सिर्फ प्रदर्शनी के लिए ही आई है। क्योंकि राइडर्स कंपनी के पास एक से बढ़कर एक बाइके हैं, जो रेस के लिए उतरती हैं। वो इस बाइक को कभी रेस में भी नहीं उतारते, क्योंकि अगर ये बाइक रेस के लिए उतर जाएगी तो कोई भी रेस बेमानी होगी।
राइडर्ज कंपनी के सह-संस्थापक दिनेश कहते हैं कि बॉस हॉस कंपनी की अलग ही दुनिया है। वो ज्यादा से ज्यादा बाइक बेचकर अपनी मार्केट नहीं बनाना चाहते। बल्कि उनकी कोशिश है, एक्सक्लूसिव बने रहना। यही वजह है कि उन्होंने इस बाइक की 8 या 10 यूनिट ही बाजार में उतारी है और एशिया की इकलौती बाइक उनके पास है।
कीमत के बारे में पूछने पर दिनेश कहते हैं कि इसे मंगाने में 80 हजार डॉलर की कीमत लगती है, तो साथ ही इंपोर्ट टैक्स समेत कई और दिक्कतों से भी गुजरना पड़ा है। उन्होंने बताया कि भारतीय मुद्रा में इस बाइक की कीमत फिलहाल 1.5करोड़ रुपए बैठ रही है, जो इंजन बदलने के साथ ही बढ़ भी जाएगी।
